❤शायरी का सफर ❤
दौलत की चाह थी तो कामने निकल गए,
दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए,
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत ना मिल साकी,
फुर्सत मिली तो बच्चे ही घर निकल गए।
दौलत की चाह थी तो कमाई निकल गई,
दौलत मिली तो हाथ से हाथ निकल गए,
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत न मिल सकी,
फुर्सत मिली तो बच्चा ही घर निकल गए।
दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए,
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत ना मिल साकी,
फुर्सत मिली तो बच्चे ही घर निकल गए।
दौलत की चाह थी तो कमाई निकल गई,
दौलत मिली तो हाथ से हाथ निकल गए,
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत न मिल सकी,
फुर्सत मिली तो बच्चा ही घर निकल गए।
Gjb
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